आज दुनिया कहॉ पहुंच चुकी है पर हम भारतवसी जाति और धर्म की पुछ पकड़े हुए है । जिसका सबसे ज्यादा फायदा राजनीतिक दलो ने उठाया है । क्या आपलोगो को नही लगता की अब जागने का समय आ गया है । क्या आज शिक्षा पर केवल ब्राह्मण जाति का अधिकार है, सेना मे केवल क्षत्रिय है या व्यपार पर बनियो का अधिकार है । देखने से तो ऎसा नही लगता ।
जाति क्या है इस पर एक महिला के विचार ।
एक आदमी ने महिला से पूछा......
तम्हारी जाति क्या है?
महिला ने उल्टा ही पूछ लिया...
एक मां की या एक महिला की
उसने कहा....चलो दोनों की बता दो.....
और चेहरे पर हल्की सी मुस्कान बिखेरी।
महिला ने भी पूरे धैर्य से बताया
एक महिला जब माँ बनती है, तो वो जाति-विहीन हो जाती है,
उसने फिर आश्चर्य चकित होकर पूछा....
वो कैसे..?
जबाब मिला कि .....
जब एक माँ अपने बच्चे का लालन पालन करती है,अपने बच्चे की गंदगी साफ करती है,
तो वो शूद्र हो जाती है......
वो ही बच्चा जब बड़ा होता है तो माँ नकारात्मक ताकतों से उसकी रक्षा करती है,
तो वो क्षत्रिय हो जाती है
जब बच्चा और बड़ा होता है,
तो माँ उसे शिक्षित करती है,
तब वो ब्राह्मण हो जाती हैऔर अंत में,
जब बच्चा और बड़ा होता है तो माँ उसके आय और व्यय में उसका उचित मार्गदर्शन कर अपना वैश्य धर्म निभाती है
तो अब बताओ कि...... हुई ना एक महिला या मां जाति विहीन
उत्तर सुनकर वो अवाक् रह गया।
उसकी आँखों में महिलाओं या माताओं के लिए सम्मान व आदर का भाव था,
और उधर उस महिला को अपने माँ और महिला होने पर पर गर्व का अनुभव हो रहा था।. संसार की सभी महिलाओं को समर्पित🙏🏻
प्रिय बन्धुओ
आपके लिये एक कविता जो मा को समर्पीत है
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
सिंह की सवार बनकर
रंगों की फुहार बनकर
पुष्पों की बहार बनकर
सुहागन का श्रंगार बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
खुशियाँ अपार बनकर
रिश्तों में प्यार बनकर
बच्चों का दुलार बनकर
समाज में संस्कार बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
रसोई में प्रसाद बनकर
व्यापार में लाभ बनकर
घर में आशीर्वाद बनकर
मुँह मांगी मुराद बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
संसार में उजाला बनकर
अमृत रस का प्याला बनकर
पारिजात की माला बनकर
भूखों का निवाला बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी बनकर
चंद्रघंटा, कूष्माण्डा बनकर
स्कंदमाता, कात्यायनी बनकर
कालरात्रि, महागौरी बनकर
माता सिद्धिदात्री बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ
तुम्हारे आने से नव-निधियां
स्वयं ही चली आएंगी
तुम्हारी दास बनकर
तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओl
🌹जय माता दी 🌹 जय माता दी 🌹
🙏🙏🙏🙏 🙏🙏🙏🙏
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